खड़गे के बयान पर बिहार में सियासी घमासान, माफी की मांग; सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी को भी घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर बिहार की राजनीति में विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस बयान की निंदा करते हुए खड़गे, कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, पटना के कोतवाली थाने में भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह कल्लू ने खड़गे के खिलाफ शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस विवाद ने राजनीतिक भाषा की मर्यादा और विपक्ष की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दी प्रधानमंत्री मोदी को गाली
Written By : डेस्क | Updated on: October 26, 2026 12:06 am

विवाद रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे अपने संबोधन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे। इसी दौरान दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता से नहीं हटने को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान पर भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं ने भी खड़गे की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक विरोध की आड़ में व्यक्तिगत टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई नेताओं ने भी इस बयान की आलोचना की।

इस बीच, भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह कल्लू ने पटना के कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में बयान को आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस से इसकी जांच करने का आग्रह किया गया है। हालांकि, शिकायत दिए जाने और प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने में अंतर है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने और संबंधित कानूनी धाराओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

उधर, कांग्रेस ने बयान को उसके संदर्भ में देखने की बात कही है। कार्यक्रम में टिप्पणी करने वाले संतोष कुमार ने दावा किया कि उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई। उनके अनुसार, उनका आशय यह था कि बड़े जनआंदोलन के बिना नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाना संभव नहीं होगा। उन्होंने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता भी बताया। इस घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रही है और भाजपा इन आरोपों का विरोध कर रही है। खड़गे की टिप्पणी ने इस राजनीतिक टकराव को नया मोड़ दे दिया है। अब निगाहें कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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