लालकिला मैदान में आयोजित विश्व विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लीला स्थल पर प्रभु श्री राम की लीला का अवलोकन किया तथा प्रभु श्री रामचन्द्र जी से आशीर्वाद लिया, और सभी राम भक्तों को दशहरा पर्व की अग्रिम हार्दिक बधाई दी।
लीला अध्यक्ष अर्जुन कुमार गणेश वंदना से लीला का प्रारंभ हुआ, कुंभकरण वध, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध, मेघनाद वध, सुलोचना का शीश मांगने हेतु रावण से आज्ञा मांगना, राम शिविर में सुलोचना का आना, पति का शीश लेकर जाना तक की लीला का मंचन हुआ।
अर्जुन कुमार के अनुसार भारी भरकम शरीर के 131 किलो वजन के बुलंद आवाज के पूर्व मेयर भाजपा नेता जत्थेदार अवतार सिंह कुंभकरण का दमदार अभिनय देख मैदान पर बैठे सभी रामभक्तों ने तालिया बजाई । स्टीरियो डिजिटल साउंड की आवाज में कुंभकर्ण को चिर निद्रा से उठाने के लिए 8 ट्रेक साउण्ड, जमीन हिला देने वाली आवाज से, हाथी की चिघाड़, शेर की दहाड़, सौ से ज्यादा मटके फोडे गये, तीर, भाले से भेदकर, ढोल, नगाडे के नाद से जगाया गया, खाने के लिए 120 किलो मिठाई, खाना, सैकड़ो लीटर पानी पिलाया गया।
लीला स्थल लाल किला मैदान पर दशहरा पर्व के लिए रावण कुंभकरण, मेघनाद के पुतले बहुत ही आर्कषक बनाए गए है, जब रावण के पुतले पर तीर चलेगा तो नाभी से अमृत गिरेगा, आंखे मटकेंगी, आंखो से खून के आंसु निकलेंगे, हाथ में तलवारें घुमती नजर आयेंगी, रावण के गले में पहनी दस मालाएं रंग- बिरंगी अलग अलग रंगों में नजर आयेंगी, मुंह से हे राम, हे राम का उदघोष करते हुए पुतले का दहन होगा। वही लीला स्थल पर रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतले लगाने की व्यवस्था शुरू हो गई।
लीला पश्चात् कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन, सौरव गुप्ता, संदीप भूटानी, कोषाध्यक्ष अंकुर गोयल, लीला मंत्री प्रवीण सिंहल, राजेश वर्मा, गौरव सुरी, राजकुमार गुप्ता, वीरू सिंघी, लोकेश बंसल आदि सभी पदाधिकारियों ने आये हुए सभी अतिथियों का सम्मान किया और प्रभु श्रीराम की आरती एवं चरण वंदना के साथ लीला सम्पन्न हुई ।
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