Rajasthan News : राजसमंद में सोमवार रात 11 बजे भवन की छत अचानक तेज धमाके के साथ नीचे गिर गई। छत के गिरने से 13 मजदूर मलबे में दब गए, जिसमें से 3 मजदूरों के शव रात 1 बजे निकाल लिए गए। एक और मजदूर का शव रात करीब 3 बजे निकाला गया।
महज 37 दिन से इस भवन को बनाया गया था बिल्डिंग के सभी सपोर्ट सोमवार शाम को ही हटाए गए थे। इस हादसे के बाद करीब पांच घंटे के बचाव अभियान (Rescue Operation) के बाद मलबे में दबे 9 मजदूरों को मंगलवार सुबह निकाला गया। सभी की हालत चिंताजनक है। सोमवार की रात करीब 11 बजे वहीं काम कर रहे 13 मजदूर भवन के अंदर छत को चेक करने के लिए गए। इसी दौरान पूरी छत नीचे ढह गई और सभी दब गए।
5 घंटे तक चला Rescue Operation
सामुदायिक भवन के आसपास कोई घर भी नहीं था। गांव के लोगों को हादसे की जानकारी काफी देर बाद मिली। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे तक बचाव अभियान (Rescue Operation) चला। तीन लोगों के शव रात 12 बजे से पहले निकल गए थे लेकिन एक शव रात करीब 3 बजे बाद निकाला गया।
6 जेसीबी(JCB) ने हटाया मलबा
बता दें कि मलबा हटवाने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा जेसीबी और छत को तोड़ने के लिए ड्रीलिंग मशीन मंगवाई गई। इस तरह रात 11 बजे रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया, जिसमें छत को तोड़कर 3 लोगों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई और बाद में निकाले गए 6 घायलों को नाथद्वारा (Nathdwara) स्थित गोवर्धन राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
तीन दिन पहले डाली गई थी RCC छत
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा राजसमंद जिले के टीमेला गांव में हुआ। जहां मेघवाल समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण के तहत तीन दिन पहले आरसीसी छत डाली गई थी। इस छत के अचानक भरभरा कर ध्वस्त होने से यह भीषण हादसा हुआ।
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