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Jharkhand High Court ने दिलीप घोष बनाम ईडी केस में याची को दी जमानत
झारखंड के रांची उच्च न्यायालय ने 28 दिसंबर 2023 को धन शोधन यानी पीएमएलए केस में गिरफ्तार दिलीप घोष को जमानत दे दी । केस में याचिकाकर्ता दिलीप घोष की ओर से वकील श्री एस नागमुथु, श्री सूरज प्रकाश पेश हुए।
Written By : सुनील कुमार साहू | Updated on: September 21, 2024 9:11 pm
Jharkhand High Court ने 28 दिसंबर 2023 को Prevention of Money-Laundering Act(PMLA) केस में गिरफ्तार दिलीप घोष को जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने कुछ शर्ते भी लगाई हैं। इस केस में याचिकाकर्ता दिलीप घोष थे। केस में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस नागमुथु, सूरज प्रकाश पेश हुए, जबकि ED की ओर से अनिल कुमार और चंदना कुमारी पेश हुईं। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने की।
Jharkhand High Court ने दिलीप घोष को इन शर्तों पर जमानत दी
- धारा 439 और धारा 45 में फर्क– न्यायमूर्ति दीपक रोशन जी ने कहा कि धारा 439 और पीएमएलए की धारा 45 में फर्क है। इस कारण से किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक अधिकार है कि उसे निष्पक्ष सुनवाई मिले ताकि उसे अनिश्चितकाल तक हिरासत में न रखा जाए।
- पासपोर्ट सरेंडर करना होगा
- जब भी बुलाया जाएगा न्यायालय में उपस्थित होना होगा.
- साक्ष्यों से छेड़छाड़ ना करना
Jharkhand High Court में 9 दिसंबर 2023 को दिलीप घोष की ओर से वकीलों ने क्या तर्क दिए
- याचिका कर्ता की ओर से एस नागमुथु और सूरज प्रकाश ने केस की पहली सुनवाई पर कहा था कि दिलीप घोष ने पीएमएलए की धारा 45(1 ) के तहत जमानत मांगी है क्योंकि वह बिल्कुल निर्दोष है और उसे फंसाया जा रहा है।
- याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि पीएमएलए की धारा 19 के अनुसार गिरफ्तारी से पहले किसी भी इंसान को लिखित रूप में सूचित करना आवश्यक है, पर याचिकाकर्ता को कोई सूचना नहीं दी गई और तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
यह है मामला
मामला संपत्ति विवाद और धोखाधड़ी से संबंधित है। याचिकाकर्ता दिलीप घोष ने 2 साल पहले मैसर्स जगत बंधु टी एस्टेट के साथ मिलकर 7 करोड़ की संपत्ति खरीदी थी। लेकिन उसकी वास्तविक कीमत 20 करोड़ थी। थोड़े दिन बाद याचिकाकर्ता और जगत बंधु को पता चला कि कंपनी का असली मालिक प्रदीप बागची नहीं है, उसने फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर उन्हें कंपनी बेची थी । जगत बंधु टी स्टेट ने प्रदीप बागची के खिलाफ 5 जून 2023 को धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई। उसके बाद प्रदीप बागची ने भी दिलीप घोष और जगत बंधु टी स्टेट पर एफआईआर दर्ज करवा दी।
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