भारत-मॉरीशस संबंधों में भोजपुरी बनी सांस्कृतिक सेतु

11 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत पारंपरिक भोजपुरी ‘गीत-गवई’ से हुआ।

Written By : डेस्क | Updated on: March 11, 2025 10:48 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 मार्च 2025 को मॉरीशस की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत पारंपरिक भोजपुरी ‘गीत-गवई’ से हुआ। यह स्वागत केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रिश्तों का प्रतीक था। भोजपुरी भाषा, जो भारत के पूर्वांचल और बिहार की मिट्टी से उपजी है, आज हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीप राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

भोजपुरी: भारत से मॉरीशस तक का सफर

19वीं सदी में जब ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान भारतीय मजदूरों को मॉरीशस के गन्ने के खेतों में काम करने के लिए ले जाया गया, तो वे अपने साथ केवल श्रम नहीं, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराएं भी ले गए। इनमें से अधिकांश मजदूर भोजपुरी भाषी क्षेत्रों से थे, और उन्होंने सात समंदर पार एक नई धरती पर अपनी पहचान को जिंदा रखा। आज मॉरीशस की लगभग 70 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है, जिसमें भोजपुरी भाषा और इससे जुड़े लोकगीत, नृत्य और रीति-रिवाज गहरे पैठ जमाए हुए हैं। “गीत-गवई” जैसे पारंपरिक संगीत, जो शादी-विवाह जैसे अवसरों पर गाए जाते हैं, मॉरीशस में इस समुदाय की आत्मा बन गए हैं। यह भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे सांस्कृतिक बंधन को मजबूत करने वाली कड़ी भी है ।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने आकाशवाणी पर पहली बार भोजपुरी में दिया इंटरव्यू

प्रधानमंत्री मोदी का मॉरीशस दौरा और भोजपुरी के माध्यम से उनका स्वागत इस बात का प्रमाण है कि सॉफ्ट पॉलिटिक्स में सांस्कृतिक तत्व कितने प्रभावशाली हो सकते हैं। इस दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने आकाशवाणी पर पहली बार भोजपुरी में इंटरव्यू देकर एक नया इतिहास रचा। यह कदम न केवल भोजपुरी भाषा के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि भारत सरकार की उस सोच को भी रेखांकित करता है जो क्षेत्रीय भाषाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। समूचा भोजपुरिया समाज इस पहल के लिए श्री जयसवाल का अभिनंदन करता है, क्योंकि यह भोजपुरी की सांस्कृतिक शक्ति को मान्यता देने का एक ठोस कदम है।

पूर्वांचल का सांसद होने के नाते मैं यह समझ सकता हूं कि बिहार और भोजपुरी बेल्ट के साथ मॉरीशस के कितने भावुक संबंध हैं”-नरेन्द्र मोदी

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