जन्मकुंडली का बारहवां भाव ‘मोक्ष स्थान’ कहा जाता है

जन्मकुंडली में 12वां भाव ‘व्यय भाव’ या ‘मोक्ष स्थान’ कहलाता है। यह भाव व्यक्ति के खर्चों, विदेश यात्राओं, निर्वासन, अकेलेपन, बिस्तर सुख, आत्म-त्याग, गुप्त शत्रु, आध्यात्मिकता और मोक्ष से संबंधित होता है।

Written By : नीतेश तिवारी | Updated on: June 15, 2025 4:20 pm

बारहवां भाव: इस भाव से देखे जाने वाले विषय:

1. खर्च और व्यय

2. अस्पताल, जेल, आश्रम, एकांतवास

3. विदेश यात्रा या प्रवास

4. आत्म-बलिदान, सेवा, त्याग

5. नींद, स्वप्न, गुप्त जीवन

6. आध्यात्मिक उन्नति व मोक्ष

7. गुप्त शत्रु व षड्यंत्र

8. यौन जीवन और बिस्तर का सुख

बारहवें भाव में ग्रहों के प्रभाव:

सूर्य

खर्च अधिक, परोपकारी स्वभाव

एकांत प्रिय, आत्मनिरीक्षण की प्रवृत्ति

विदेश में सफलता

चंद्रमा

भावुकता से खर्च, स्वप्निल स्वभाव

मानसिक चिंता, कभी-कभी अकेलापन पसंद

विदेश से लाभ संभव

मंगल

गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं

अनावश्यक खर्च

यदि शुभ हो तो गुप्त सेवाओं या सेना से लाभ

बुध

लेखन, अनुसंधान या गुप्त कार्यों में रुचि

विदेश में शिक्षा या काम

बुद्धिमत्तापूर्ण खर्च

गुरु (बृहस्पति)

अध्यात्म, सेवा व दान में रुचि

मोक्ष प्राप्ति की संभावना

खर्च शुभ कार्यों पर

शनि

त्याग व सेवा की भावना

अकेलेपन की अनुभूति

विदेश में संघर्ष, पर अंततः सफलता

राहु

अचानक विदेश यात्रा या विदेश में बसना

अधिक खर्च या भ्रमित मानसिक स्थिति

गुप्त षड्यंत्र की संभावना

केतु

आध्यात्मिक उन्नति, मोक्ष की ओर झुकाव

जीवन में त्याग की प्रवृत्ति

एकांतप्रियता बढ़ती है

बारहवें भाव में राशियों का प्रभाव (संक्षेप में):

मेष/सिंह/धनु: विदेश यात्रा या उच्च आध्यात्मिक अनुभव

वृष/कन्या/मकर: खर्चों में नियंत्रण, व्यावहारिक दृष्टिकोण

मिथुन/तुला/कुंभ: मानसिक व्यस्तता, गुप्त संचार, नेटवर्किंग

कर्क/वृश्चिक/मीन: भावनात्मक खर्च, ध्यान व सेवा भाव

विशेष संकेत:

बारहवां भाव छठे और आठवें भाव की तरह एक दुष्ट भाव (Dusthana) माना जाता है।

यह भाव दिखाता है कि व्यक्ति किस प्रकार त्याग करता है और मोक्ष की ओर कैसे अग्रसर होता है।

जन्मकुंडली के बारहवें भाव में विभिन्न राशियों के शुभ और अशुभ प्रभाव
(12वां भाव: व्यय, मोक्ष, विदेश यात्रा, गुप्त शत्रु, आत्मत्याग, नींद व एकांत का भाव)

बारहवें भाव में राशियों का प्रभाव (मूल लग्न के आधार पर):

> निम्न विवरण सामान्य फल हैं। सटीक फल ग्रह स्थिति, दृष्टि, दशा और राशि स्वामी की अवस्था पर निर्भर करेगा।

मेष राशि (Aries) – बारहवें भाव में

प्रभाव:

खर्चों में तेजी, ऊर्जावान लेकिन अस्थिर खर्च

नींद कम, बेचैनी, विदेश यात्रा की संभावनाएँ प्रबल

शुभ: विदेश से लाभ, साहसी सेवा कार्य

अशुभ: क्रोध के कारण संबंधों में दूरी, खर्च नियंत्रण में न रहना

वृषभ राशि (Taurus)

प्रभाव:आराम, विलासिता पर खर्च, नींद प्रिय, स्वप्नदर्शी स्वभाव

शारीरिक सुखों की ओर आकर्षण

शुभ: भौतिक सुखों की प्राप्ति, शांति
अशुभ: आलस्य, अधिक खर्च से आर्थिक दबाव

मिथुन राशि (Gemini)

प्रभाव: बुद्धि आधारित खर्च, सोच-समझ कर व्यय,गुप्त ज्ञान, अध्यात्म में रुचि, मानसिक चिंता या विचारों की अधिकता

शुभ: शोध, लेखन, विदेश में शिक्षा
अशुभ: अधिक सोचने से मानसिक तनाव

कर्क राशि (Cancer)

प्रभाव: भावनाओं पर खर्च, सेवा भाव, नींद अधिक, स्वप्निल स्वभाव,परिवार या माता के लिए त्याग

शुभ: सेवा और दान से पुण्य
अशुभ: भावनात्मक अस्थिरता, अकारण व्यय

(नीतेश तिवारी, एमसीए, एमएचए हैं और ज्योतिष शास्त्र के अच्छे जानकार हैं.)

ये भी पढ़ें :-जन्मकुंडली का 11 वां भाव जाना जाता है लाभ भाव के रूप में

4 thoughts on “जन्मकुंडली का बारहवां भाव ‘मोक्ष स्थान’ कहा जाता है

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