लाल सागर में मिसाइल हमले से भारतीय जहाज डूबा, 13 भारतीयों समेत चालक दल के सभी 14 सदस्य बचाए गए

लाल सागर में समुद्री सुरक्षा संकट एक बार फिर गहरा गया है। यमन के पास भारतीय ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर मिसाइल/प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। जहाज पर सवार चालक दल के सभी 14 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय और एक श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं। भारत सरकार ने घटना की पुष्टि करते हुए चालक दल के सुरक्षित होने की जानकारी दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
Written By : डेस्क | Updated on: August 5, 2026 12:09 am

यमन के पास हुए हमले के बाद भारतीय जहाज को गंभीर क्षति पहुंची और वह समुद्र में डूब गया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, सरकार लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और संबंधित देशों तथा समुद्री एजेंसियों के संपर्क में है।

भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की

विदेश मंत्रालय ने भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को अस्वीकार्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वैश्विक व्यापार और विभिन्न देशों के नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित न हो।

हूती विद्रोहियों पर संदेह, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

घटना के बाद कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि हमले के पीछे यमन के हूती विद्रोहियों का हाथ है। हालांकि भारत सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में किसी संगठन या समूह का नाम नहीं लिया है। ऐसे में हमले की जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

भारत के व्यापार के लिए बेहद अहम है लाल सागर

लाल सागर भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। इसी मार्ग से भारत का बड़ा हिस्सा यूरोप और पश्चिम एशिया के देशों के साथ होने वाले व्यापार का गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सुरक्षा संकट सीधे तौर पर भारतीय निर्यात, आयात और समुद्री परिवहन को प्रभावित करता है।

नवंबर 2023 से लगातार बढ़ा है खतरा

नवंबर 2023 से लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन हमलों के कारण कई वैश्विक शिपिंग कंपनियों ने स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप वाले लंबे समुद्री मार्ग का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इससे माल ढुलाई का समय बढ़ा है और परिवहन लागत में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वैश्विक शिपिंग और बीमा क्षेत्र पर भी असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाल सागर में सुरक्षा स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो इसका असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। समुद्री बीमा प्रीमियम, माल ढुलाई की लागत और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। भारत सहित कई देशों के लिए यह समुद्री मार्ग आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इस तरह की घटनाओं पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।

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