भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को चेन्नई में कहा कि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIDMK) और भाजपा मिलकर अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। अगला विधानसभा चुनाव अन्नाद्रमुक प्रमुख ई पलानीस्वामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस साल बिहार में और अगले साल यानी 2026 में विधासभा चुनाव होने वाले हैं। बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले से ही राजग यानी NDA के साथ है. भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुका है। अब अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा से इस दक्षिण भारतीय राज्य में बीजेपी को अपना जनाधार विकसित करने का मौका मिलेगा। अभी तमिलनाडु विधानसभा में बीजेपी के चार विधायक हैं। चेन्नई में अमित शाह ने कहा है कि अन्नाद्रमुक की कोई डिमांड सामने आई है। विधानसभा चुनाव के पहले मिल बैठकर सीटों के बारे में फैसला किया जाएगा। अन्नाद्रमुक के एनडीए में शामिल होने से भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों को लाभ होगा.
तय यह किया गया है कि भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों एक दूसरे के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगी। शाह ने कहा किजरूरत पड़ी तो दोनों दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भी विचार किया जा सकता है। यदि प्रदेश विधानसभा के आंकड़ों पर विचार करें को पिछले चुनाव में कुल सीटों की संख्या 234 है और पिछले चुनाव में एआईडीएमके को मात्र 66 सीटें ही मिली थी। द्रमुक ने 159 सीटें जीत कर सत्तासीन हुई थी। बीजेपी की दो सीटें थी जबकि अन्य 7 थे। इस तरह द्रमुक सत्ता में आई थी और एमके स्टालिन मुख्यमंत्री बने थे।
एआईडीएम के साथ किसी बात को लेकर रिश्ते में खटास नहीं आए इसलिए बीजेपी ने तिरुनेलवेली से भाजपा विधायक नयनार नागेन्द्रन को भाजपा का तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की तैयरी में है। नयनार पहले अन्नाद्रमुक में रह चुके हैं।
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