केजरीवाल के ‘बिना फीस के वकील’ पर 75 हज़ार जुर्माना, एक और याचिका ख़ारिज

हाईकोर्ट ने सोमवार को एक ऐसी याचिका खारिज कर दी जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) के कार्यकाल तक अंतरिम जमानत देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने न सिर्फ याचिका खारिज की बल्कि याचिका दायर करने वाले युवक पर 75 हजार रुपये जुर्माना भी लगा दिया। मजेदार घटना ये हुई कि ‘वी द पीपल ऑफ इंडिया’ की याचिका का विरोध खुद केजरीवाल के वकील ने भी किया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो
Written By : निधि तिवारी | Updated on: May 2, 2024 7:37 pm

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court)के एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और उस पर 75 हज़ार रुपये जुर्माना का आदेश दे दिया। कोर्ट ने कहा कि अदालत लंबित आपराधिक मामले में असाधारण अंतरिम जमानत नहीं दे सकती। दूसरी याचिका राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर की गई थी, उस कोर्ट ने भी केजरीवाल को हर दिन जेल में 15 मिनट चिकित्सक से मिलने देने और इंसुलिन देने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी।

याचिकाएं हुईं खारिज

शराब नीति घोटाले में 1 अप्रैल से तिहाड़ जेल में बंद सीएम अरविंद केजरीवाल से जुड़ी तीन याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई थी। दिल्ली हाईकोर्ट में एक्टिंग सीजे मनमोहन की कोर्ट में 2 मामले थे। पहली जनहित याचिका थी जिसे कानून की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने वी द पीपल ऑफ इंडिया’के नाम से दायर की थी । दूसरी केजरीवाल की गिरफ्तारी और रिमांड के औचित्य पर थी। दोनों याचिकाएं ख़ारिज कर दी गईं।

तीसरी याचिका राउज एवेन्यू कोर्ट में

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज कावेरी बावेजा के समक्ष तीसरी याचिका थी, केजरीवाल ने अपने डायबिटीज की रेगुलर जांच, डॉक्टर से कंसल्टेंशन और इंसुलिन की मांग को लेकर याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि उनकी सेहत की निगरानी के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का जरूर निर्देश दे दिया। ED ने 18 अप्रैल को इस कोर्ट से कहा था कि जेल में केजरीवाल जानबूझकर आम और मिठाई खा रहे हैं, जिससे उनका शुगर लेवल बढ़े और मेडिकल ग्राउंड पर जमानत मिल जाए।

केजरीवाल इस वजह से हैं जेल में

सीएम केजरीवाल को 21 मार्च को ईडी ने गिरफ़्तार किया था। ED ने गिरफ़्तारी से पहले केजरीवाल को 9 समन भेजे थे, जिन्हें केजरीवाल ने नज़रअंदाज़ किया था। 21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद से ही वो जमानत के लिए कोर्ट के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली है। केजरीवाल ने हाई कोर्ट से कहा है कि ईडी की तरफ से उन्हें समन भेजना ही गलत था। केजरीवाल ने ईडी की कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर पहले ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं लेकिन 21 मार्च को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। केजरीवाल ने गिरफ्तारी, पूछताछ और जमानत के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस मनोज जैन की पीठ केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करेगी।

ईडी शराब नीति मामले में दायर कर चुकी है 6 आरोप-पत्र

केजरीवाल पर एक्साइज पॉलिसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन लिया गया है। ईडी ने इस मामले में अब तक कुल 6 आरोप पत्र दायर किए हैं और 128 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे, वो जेल से ही सरकार चलाएंगे। ईडी का कहना है कि केजरीवाल उत्पाद शुल्क नीति के निर्माण में सीधे तौर पर शामिल थे, जिसे “साउथ ग्रुप को दिए जाने वाले लाभों को ध्यान में रखते हुए” तैयार किया गया था। साउथ ग्रुप दक्षिण भारत के व्यक्तियों का एक समूह है जिसके बारे में ईडी का दावा है कि “उन्होंने बेरोकटोक पहुंच, अनुचित लाभ,स्थापित थोक व्यवसायों और कई खुदरा क्षेत्रों में हिस्सेदारी ली“ और इसके बदले में 100 करोड़ का भुगतान आप नेताओं को किया । साउथ ग्रुप के सदस्यों में से एक भारत राष्ट्र समिति बीआरएस की नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की बेटी कविता हैं। कविता को 15 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। कविता की गिरफ्तारी के बाद 18 मार्च को ईडी ने साजिशकर्ता होने का आरोप अरविंद केजरीवाल पर लगाया।

3 thoughts on “केजरीवाल के ‘बिना फीस के वकील’ पर 75 हज़ार जुर्माना, एक और याचिका ख़ारिज

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