भारत-ऑस्ट्रेलिया ने रणनीतिक साझेदारी को दी नई गति, कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति और लगे मोदी-मोदी के नारे

 भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा, व्यापार एवं निवेश, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा समुद्री सहयोग समेत अनेक क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस बीच, मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने संयुक्त रूप से लोगों को संबोधित किया, 35 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी के बीच "मोदी-मोदी" के नारे गूंजते रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़
Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: July 9, 2026 11:38 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई वार्ता में आर्थिक, सामरिक और तकनीकी सहयोग को और व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वार्ता में महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, व्यापार एवं निवेश को प्रोत्साहित करने तथा विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

दोनों पक्षों ने रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने, नियमित संवाद तथा संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से समन्वय बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, समावेशी और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने पर भी दोनों नेताओं ने एकमत होकर सहयोग जारी रखने की बात कही।

वार्ता में शिक्षा, कौशल विकास, उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को गति देने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विश्वसनीय और लचीला बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और समान हितों पर आधारित हैं तथा दोनों देश भविष्य की चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने भी भारत को अपने प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में से एक बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग के लगातार विस्तार पर संतोष व्यक्त किया।

दौरे का सबसे चर्चित कार्यक्रम मेलबर्न में भारतीय समुदाय का विशाल आयोजन रहा, जिसमें हजारों प्रवासी भारतीय शामिल हुए। प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के संयुक्त संबोधन के दौरान पूरे स्टेडियम में “मोदी-मोदी” के नारे गूंजते रहे। दोनों नेताओं ने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए उसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दोनों देश व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ताजा वार्ता को इसी क्रम में द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक तथा दीर्घकालिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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