NEET UG 2024 को फिर से कराने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. शीर्ष अदालत ने फैसले में इस वर्ष के लिए फिर से नीट यूजी का आयोजन करने का निर्देश देना गंभीर परिणामों वाला होगा. कोर्ट ने कहा है कि ऐैसा करना इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों के प्रवेश कार्यक्रम में व्यवधान पैदा होगा।
मेडिकल शिक्षा पर पड़ने वाले नुकसानदायक प्रभाव का किया उल्लेख
मे़डिकल एजुकेशन के पाठ्यक्रम पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा और इससे भविष्य में योग्य चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता पर भी असर पड़ेगा. साथ ही अदालत ने कहा कि यह वंचित समूह के लिए गंभीर रूप से नुकसानदेह होगा, जिनके लिए सीटों के आवंटन में आरक्षण किया गया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ऐसा कोई रिकार्ड नहीं मिला है जिससे इसकी पुष्टि होती हो कि परीक्षा के आयोजन की व्यवस्था में कोई उल्लंघन किया गया।
IIT दिल्ली की राय को कोर्ट ने किया स्वीकार
विवादास्पद नीट यूजी 2024 मामले में अपने फैसले में सीजेआई ने यह भी निष्कर्ष निकाला कि अदालत भौतिकी के प्रश्न संख्या 19 के बारे में भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान ( IIT) दिल्ली की ओर से साझा की गई राय को स्वीकार करेगी।
IIT दिल्ली ने भौतिकी के प्रश्न संख्या 19 के विकल्प संख्या 4 को सही माना
IIT दिल्ली ने मंगलवार की सुबह कहा कि प्रश्न संख्या19 का विकल्प 4 सही है जबकि विकल्प 2 गलत है। इसका मतलब है कि लगभग 4.22 लाख छात्र चार अंक खो सकते हैं। इसके अलावा, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( NTA) ने 1563 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की थी, जिनमें से 861 परीक्षा में शामिल हुए थे।
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