पटना : देश में यथाशीघ्र ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ की व्यवस्था से देश के इस धन को बचाकर, इसे विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए भी एक साथ चुनाव आवश्यक है।
यह बातें सामाजिक और वैचारिक संस्था ‘एजुकेशनल रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट संस्थान के तत्त्वावधान में शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कही।समारोह के मुख्य अतिथि और पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा पटना साहिब के सांसद रवि शंकर प्रसाद ने डा भीम राव अम्बेडकर को स्मरण करते हुए कहा कि वे ही सामाजिक न्याय के सच्चे और प्रामाणिक प्रणेता थे। आजकल जो लोग सामाजिक न्याय की बातें कर रहे हैं वे इसे अपने परिवार के लिए ज़रूरी मानते हैं। उनकी दृष्टि में सामाजिक न्याय का अर्थ उनके परिवार को लाभ पहुंचाना है।
सम्मेलन द्वारा, 70पूर्ति पर प्रख्यात मूर्तिकार कृष्णचंद्र बाजपेयी का अभिनन्दन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका डा कल्याणी कुसुम सिंह, वरिष्ठ कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी, आर पी घायल, प्रो सुधा सिन्हा, इंदु उपाध्याय, डा मेहता नगेंद्र सिंह, डा पुष्पा जमुआर, शमा कौसर ‘शमा’, डा पूनम आनन्द, आराधना प्रसाद, मधुरेश नारायण, सागरिका राय, डा प्रतिभा रानी, डा ऋचा वर्मा, डा एम के मधु, पं गणेश झा, यशोदा देवी, विभा रानी श्रीवास्तव, सिद्धेश्वर, अनीता मिश्र सिद्धि, अरविंद कुमार सिंह, सदानन्द प्रसाद, कमल किशोर वर्मा, चित्तरंजन लाल भारती, बाँके बिहारी साव, सूर्य कुमार उपाध्याय, डा विद्या चौधरी, डा रमाकान्त पाण्डेय, श्री राम तिवारी, सुजाता मिश्र, कृष्ण रंजन सिंह , प्रवीर कुमार पंकज, चंदा मिश्र, इक़बाल इमाम आदि प्रदेश के अनेक साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों को बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर स्मृति सम्मान से विभूषित किया गया।
एक राष्ट्र एक चुनाव के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए अपने अध्यक्षीय उद्गार में सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि भारत की संपूर्ण राजनीतिक शक्तियाँ केवल दो कार्यों में खर्च होती हैं। और वे हैं – ‘सरकार बनाओ’ और ‘सरकार गिराओ’ । जिन शक्तियों का सदुपयोग शासन-व्यवस्था को सुदृढ़ और लोकोपयोगी बनाने में किया जाना चाहिए, वे शक्तियाँ स्वार्थ में पड़ी हैं। लगातार चुनाव होने के कारण भी सरकार द्वारा जनता के धन का अपव्यय होता है। ऐसे में सत्ता को स्थिर रहकर कार्य करने का अवसर भी कम होता जाता है। लोक सभा और विधान सभाओं का चुनाव एक साथ कराया जाना सभी प्रकार से उचित है और इस विषय पर सभी राजनैतिक दलों को सहमत होना चाहिए। कोई व्यवस्था अथवा नियम सबके लिए एक समान लाभकारी या हानिकारक होता है। ऐसा नही है कि इससे किसी एक राजनीतिक दल को लाभ तथा दूसरों का अहित होगा। परिस्थितियाँ हमेशा एक जैसी नही रहती। उन्होंने साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों को सम्मानित करने के लिए आयोजक संस्था को बधाई दी और कहा कि इससे समाज को ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। देश के चर्चित मूर्तिकार कृष्णचंद्र बाजपेयी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इनके द्वारा बनायी गयी मूर्तियाँ राष्ट्रपति-भवन से लेकर देश के विभिन्न नगरों में स्थापित हैं।
अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था के अध्यक्ष डा विनोद शर्मा ने किया। भारतीय चिकित्सा संघ के पूर्व अध्यक्ष डा सहजानंद, राजेश यादव भटकु, भानु प्रताप सिंह, शशिकान्त ओझा, सुनील सिन्हा, नरेश महतो, संगीता सिंह, कंचन कुमारी, सुशील कुमार, विमल शर्मा और अशोक पाठक आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन कृष्णा शगुन ने तथा धन्यवाद-ज्ञापन जनार्दन शर्मा योगी ने किया।
ये भी पढ़ें :-बिहार चुनाव से पहले PM मोदी का मास्टर स्ट्रोक…केंद्र कराएगा जातीय जनगणना
**back biome**
Mitolyn is a carefully developed, plant-based formula created to help support metabolic efficiency and encourage healthy, lasting weight management.