Rajendra Das Maharaj
हिंदू धर्म में मानने वाले लोगों के लिए रविवार का दिन बड़ा खास रहेगा। आज रैवासा में भगवान राम के सबसे पुराने जानकीनाथ मंदिर को राजेंद्र दास महाराज (Rajendra Das Maharaj) के रूप में 18 वें पीठाधीश्वर मिल जाएंगे। रविवार सुबह 11 बजे इनके चादरपोशी का कार्यक्रम शुरू होगा। महंत राघवाचार्य की 31 अगस्त 2024 को दिल का दौरा पड़ने से निधन के बाद महाराज राजेंद्र दास ही अगले पीठाधीश्वर हैं। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल के साथ योग गुरु स्वामी रामदेव और धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल होंगे। आम लोगों को भी कार्यक्रम में आने की अनुमति है।
कौन है Rajendra Das Maharaj
राजेंद्र दास महाराज का जन्म मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पास अचर्रा गांव में हुआ था। इन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से साहित्य, व्याकरण और वेदों में आचार्य की डिग्री हासिल कर रखी है। इसके अलावा राजेंद्र दास महाराज ने कई धार्मिक विषयों पर पीएचडी भी कर रखी है और इसके साथ वे गोदविहार, वृंदावन, वंशीवट के पीठाधीश्वर भी है। महाराज पथमेड़ा , जाडखोर सहित कई गोधामों में डोनेशन करते रहते हैं। महंत राघव आचार्य जी ने 2015 में ही अपनी वसीयत में महाराज राजेंद्र दास को रैवासा धाम का अगला पीठाधीश्वर घोषित कर दिया था।
चादरपोशी कार्यक्रम में क्या-क्या होगा
जानकीनाथ मंदिर के ट्रस्टी आशीष तिवाड़ी ने कहा कि कार्यक्रम शुक्रवार से ही शुरू हो चुका है। शनिवार को जागरण का कार्यक्रम हुआ। आशीष तिवाड़ी ने रविवार के कार्यक्रम को लेकर बताया की चादरपोशी सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक चलेगी। इसके लिए मंदिर में बड़ा पंडाल बनाया गया है। मेहमानों के आने पर वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था भी कर रखी है और सबसे आखरी में रात को भंडारे का आयोजन भी कर रखा है।
कार्यक्रम में कौन-कौन से संत- महात्मा पहुंचे
कार्यक्रम में महंत बजरंग देवाचार्य, महंत अयोध्या दास, महंत बालमुकुंद आचार्य, आचार्य जय रामदास महाराज, आचार्य किशोर दास, महामंडलेश्वर ओमकार दास, महाराज जनकन्नाथपुरी और कई संत आए।
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