राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण: 8 के खिलाफ FIR, 2 गिरफ्तार; चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र का नाम नहीं

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में 25 जून को रामजन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी  दर्ज की गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले में अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है।

Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: June 25, 2026 11:47 pm

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्राथमिकी में नामजद आठ आरोपियों में छह मंदिर में कैश गिनने से जुड़े कर्मचारी बताए जा रहे हैं। हालांकि इस प्राथमिकी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र का नाम शामिल नहीं है, जबकि इस पूरे प्रकरण में दोनों के नाम चर्चा में रहे हैं।

यह प्राथमिकी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार नामजद आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष, लवकुश मिश्रा और करुणेश के नाम शामिल हैं। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की आपराधिक साजिश, चोरी, आपराधिक न्यासभंग और चोरी की संपत्ति से संबंधित धाराओं में दर्ज की गई है। रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय का बेहद करीबी और रिश्तेदार बताया जाता है।

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सार्वजनिक रूप से तब उभरा जब समाजवादी पार्टी की ओर से मंदिर में आए चढ़ावे की राशि, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया। इस तीन सदस्यीय एसआईटी में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया।

जांच के दौरान एसआईटी ने मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड और संबंधित व्यवस्थाओं की पड़ताल की। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एसआईटी ने इस दौरान ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ की थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय जांच के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद थे और मामले को लेकर उनका नाम राजनीतिक आरोपों में लिया जाता रहा। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी चंपत राय के खिलाफ शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।

25 जून को दर्ज प्राथमिकी के साथ इस मामले में पहली औपचारिक आपराधिक कार्रवाई सामने आई है। लेकिन प्राथमिकी में जिन आठ लोगों को नामजद किया गया है, उनमें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र का नाम नहीं है। यही इस कार्रवाई का वह पहलू है, जिस पर राजनीतिक दलों और मीडिया में चर्चा जारी है। फिलहाल पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और एसआईटी की जांच भी इस मामले में पहले से चल रही है।

ये भी पढ़ें :-अयोध्या में राम मंदिर पर फहराया धर्म-ध्वज, पीएम मोदी ने किया ध्वजारोहण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *