राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर; अंतरिम जिम्मेदारी ट्रस्टी को, जांच तेज

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के कथित करोड़ों रुपये के गबन की जांच के बीच रविवार को बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। उनके स्थान पर ट्रस्ट के एक वरिष्ठ ट्रस्टी को अंतरिम रूप से महासचिव का प्रभार सौंप दिया गया है। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम व्यवस्था है और स्थायी नियुक्ति बाद में की जाएगी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर
Written By : Ramnath rajesh | Updated on: July 7, 2026 12:04 am

दान प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुई जांच अब ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में मंदिर की दान राशि के प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच एजेंसियां करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब जांच के दौरान चंपत राय के चालक का नाम भी आरोपियों में सामने आया।

हालांकि अब तक किसी जांच एजेंसी ने चंपत राय की प्रत्यक्ष संलिप्तता का दावा नहीं किया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ा है, न कि किसी दोष सिद्ध होने के कारण।

रविवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय के साथ ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट ने प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए वरिष्ठ ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही ट्रस्ट ने भविष्य में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने और प्रशासनिक ढांचे को अधिक पेशेवर बनाने की दिशा में भी सहमति जताई है।

उधर, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं है और उनके विरुद्ध अब तक कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि दान प्रबंधन में हुई कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होगी तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां दान पेटियों से नकदी निकालने, उसकी गिनती, रिकॉर्ड संधारण, बैंक में जमा करने और निगरानी प्रणाली के प्रत्येक चरण की जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और कर्मचारियों के बयान भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। ट्रस्ट दान संग्रह और लेखा-जोखा प्रणाली में व्यापक सुधार की तैयारी कर रहा है, जिसमें डिजिटल निगरानी, जवाबदेही और बहुस्तरीय ऑडिट व्यवस्था शामिल हो सकती है।

राम मंदिर देश की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र होने के कारण यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं रह गया है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर पैनी नजर है। ऐसे में जांच की निष्पक्षता, ट्रस्ट की पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार आने वाले दिनों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे।

मुख्य बिंदु

राम मंदिर की दान राशि में कथित करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की जांच जारी।

एसआईटी की कार्रवाई में कई आरोपी गिरफ्तार; जांच का दायरा बढ़ा।

महासचिव चंपत राय का इस्तीफा ट्रस्ट ने स्वीकार किया।

वरिष्ठ ट्रस्टी को अंतरिम महासचिव का प्रभार।

ट्रस्ट प्रशासनिक ढांचे में सुधार और सीईओ नियुक्ति की तैयारी में।

ट्रस्ट का दावा—चंपत राय के खिलाफ प्रत्यक्ष संलिप्तता का कोई प्रमाण अभी सामने नहीं आया; जांच पूरी होने तक अंतिम निष्कर्ष बाकी।

ये भी पढ़ें :-राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण: 8 के खिलाफ FIR, 2 गिरफ्तार; चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र का नाम नहीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *