सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को झटका, ED के आरोपों पर जारी किया नोटिस

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से जुड़े मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने ईडी की याचिका को गंभीर मानते हुए ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। अदालत ने जांच एजेंसी के काम में कथित हस्तक्षेप के आरोपों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ऐसे मामलों को नजरअंदाज किया गया तो कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

सुप्रीमं कोर्ट
Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: January 15, 2026 11:45 pm

मामला ईडी द्वारा राजनीतिक रणनीतिकार संस्था आई-पैक (I-PAC) से जुड़े एक ठिकाने पर की गई कार्रवाई से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि छापे के दौरान न केवल जांच में बाधा पहुंचाई गई, बल्कि कथित तौर पर एजेंसी के अधिकारियों से फाइलें छीनी गईं और एक अधिकारी का मोबाइल फोन भी ले लिया गया। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति को प्रभावित किया गया।

अदालतों को ‘जंतर-मंतर’ नहीं बनाया जा सकता

ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि कोलकाता हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र किया गया, जिससे अदालत परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बनी। एजेंसी के अनुसार, यह सब जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया। इस पर शीर्ष अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अदालतों को ‘जंतर-मंतर’ नहीं बनाया जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया में इस तरह के हस्तक्षेप को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

टीएमसी ने आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और किसी भी स्तर पर दबाव या बाधा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा है। अदालत ने सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देते हुए मामले की अगली सुनवाई तय की है। उधर, तृणमूल कांग्रेस की ओर से आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया गया है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य सरकार को बदनाम करने और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, ईडी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और तथ्यों पर आधारित है।

बढ़ सकती हैं ममता बनर्जी की मुश्किलें 

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी और नोटिस के बाद ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को बंगाल की राजनीति और केंद्र–राज्य संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें शीर्ष अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ईडी की जांच आगे किस दिशा में जाती है।

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2 thoughts on “सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को झटका, ED के आरोपों पर जारी किया नोटिस

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