“क्रांति नायक-धरती आबा” लेखों का एक संकलन है। इस संकलन में हिंदी के अतिरिक्त कुछ अंग्रेज़ी लेखों को भी शामिल किया गया है। समय बीतने के साथ ही बिरसा मुंडा का महत्व और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को और भी अधिक महसूस किया जाने लगा है. गुलाम भारत के इतिहासकारों ने बिरसा मुंडा को समुचित स्थान नहीं दिया था. अब आज़ादी के लगभग साठ साल बाद भारत के इतिहास और उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है।
बिरसा मुंडा मात्र एक आंदोलनकारी नहीं थे. बिरसा की सोच, दूरदृष्टि और सिद्धांतों पर विचार किया जाने लगा है. 128 पृष्ठ के इस पुस्तक में तेरह लेख हैं. इसमें दस लेख हिंदी और तीन लेख अंग्रेज़ी में हैं.
कुछ शीर्षक और उनके लेखक पर गौर करें : 1.बिरसा का व्यक्तित्व और जीवन दर्शन-सत्यनारायण मुंडा .2. बिरसा मुंडा- पद्मश्री सम्मानित गिरिधारी राम गोंझू 3. बिरसा मुंडा- उलगुलान आंदोलन के प्रवर्तक 4. छोटे कद का सर्वकालीन आदिवासी-धरती आबा बिरसा मुंडा -प्रदीप मुंडा 5.सरदारी लड़ाई और बिरसा मुंडा का अभ्युदय -संजय बाड़ा 6.जनजातीय आदि-चिंतन के पुरोधा बिरसा मुंडा – गौतम चौधरी 7.बिरसा मुंडा -झारखंड के क्रांतिवीर -दिलीप कुमार तेतरवे 8.बिरसा मुंडा और आदिवासी चेतना :औपनिवेशिक प्रतिरोध से लोक -संस्कृति तक -डॉ. कमल कुमार बोस 9.बिरसा मुंडा में ईश्वरीय शक्ति की अवधारणा-आर. के. नीरद 10. धर्मयोद्धा: भगवान बिरसा मुंडा- आनंद वर्धन.
इसके अतिरिक्त अंग्रेजी में जोसफ बाड़ा, दिनेश नारायण वर्मा और संजय कुमार सिन्हा के भी लेख हैं. पुस्तक के अंत में सारे विद्वान लेखकों का परिचय भी दिया गया है. बिरसा मुंडा की वंशावली और पुस्तक सूची इस पुस्तक का विशेष आकर्षण है. सुंदर कागज पर उत्कृष्ट छपाई की हार्ड बाउंड वाली यह पुस्तक आकर्षित करती है पुस्तक के सभी लेख बिरसा मुंडा को और बेहतर समझने में सहायक सिद्ध होंगे. बहुत आकर्षक मुखपृष्ठ के साथ पुस्तक को संग्रहणीय और पठनीय कहा जाएगा. पुस्तक का मूल्य थोड़ा अधिक है. संस्थान को इसके पेपरबैक संस्करण पर भी विचार करना चाहिए जिससे आम पाठक भी इसे अपने संग्रह में शामिल कर सकें.प
पुस्तक: क्रान्तिनायक-धरती आबा बिरसा मुंडा
पृष्ठ-132 (हार्ड बाउंड) प्रधान संपादक: सच्चिदानंद जोशी, संपादक : के अनिल कुमार/के संजय झा
प्रकाशक: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली-110001 मूल्य: रु.1800

प्रमोद कुमार झा तीन दशक से अधिक समय तक आकाशवाणी और दूरदर्शन के वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे. एक चर्चित अनुवादक और हिन्दी, अंग्रेजी, मैथिली के लेखक, आलोचक और कला-संस्कृति-साहित्य पर स्तंभकार हैं।)
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