दिल्ली: मालवीय नगर के होटल में आग से 21 मरे, मृतकों में अधिकांश विदेशी

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। फ्लोरिश स्टे बी एंड बी नाम के इस होटल में आग में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई जा रही है, जो इलाज और अन्य कार्यों के सिलसिले में दिल्ली आए हुए थे।

Written By : रामनाथ राजेश | Updated on: June 4, 2026 12:51 am

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में आग की शुरुआत बेसमेंट स्थित किचन से हुई और कुछ ही मिनटों में पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और लपटों के कारण होटल में ठहरे लोग कमरों में फंस गए। कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों से छलांग लगा दी, जबकि कई धुएं से दम घुटने का शिकार हो गए।

इस हादसे ने राजधानी में भवन सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों को पता चला है कि जिस भवन को मात्र छह कमरों वाले गेस्ट हाउस के रूप में अनुमति मिली थी, वहां कथित तौर पर अवैध रूप से 26 कमरों वाला पांच मंजिला होटल संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि निर्धारित मानकों की अनदेखी कर अतिरिक्त कमरे बनाए गए और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया।

घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसे के बाद उसके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि होटल संचालन में किन-किन नियमों का उल्लंघन किया गया और क्या संबंधित विभागों की मिलीभगत से अवैध निर्माण और विस्तार संभव हुआ।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं और विदेश मंत्रालय संबंधित देशों के दूतावासों के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है और विदेशियों के शवों की पहचान तथा आवश्यक औपचारिकताओं में मदद की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आसपास के लोगों ने सड़क पर गद्दे बिछाकर ऊपर से कूद रहे लोगों को बचाने का प्रयास किया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, होटल में ठहरे अधिकांश विदेशी नागरिक अफ्रीकी देशों और बांग्लादेश से जुड़े थे। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस त्रासदी को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए दिल्ली में चिकित्सा पर्यटन और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

अब जांच का सबसे बड़ा विषय यह है कि छह कमरों के लिए स्वीकृत भवन में 26 कमरों का होटल आखिर कैसे संचालित हो रहा था? यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, तो बेसमेंट के किचन में लगी आग कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को मौत के कुंड में कैसे बदल गई? 21 मौतों के बाद ये सवाल केवल प्रशासन ही नहीं, पूरी व्यवस्था के सामने खड़े हैं।

ये भी पढ़ें :-पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा दे सकती है कार्बन फुटप्रिंट लेबलिंग: डॉ. सच्चिदानंद जोशी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *