पार्टी की ओर से बताया गया, “अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) एक ऐसा घर खोज रहे हैं, जिसमें कोई विवाद न हो और जहां रहने में कोई दिक्कत न आए।” केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास छोड़ने का निर्णय लिया है और नई दिल्ली इलाके में रहने की प्राथमिकता दे रहे हैं ताकि अपने क्षेत्र के लोगों के साथ संपर्क में बने रहें। इस दौरान, कई विधायक, पार्षद और आम नागरिक उन्हें अपने घर में रहने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
गौरतलब है कि 17 सितंबर को अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने नई सरकार बनाने का दावा किया। केजरीवाल ने यह भी कहा कि वे तभी मुख्यमंत्री पद पर वापस आएंगे जब उन्हें जनता से नया जनादेश और “ईमानदारी का प्रमाणपत्र” मिलेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होने की संभावना है।
22 सितंबर को आतिशी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। अरविंद केजरीवाल ने उन्हें अपनी उत्तराधिकारी घोषित किया था। शपथ ग्रहण के दौरान आतिशी ने अपने बगल की खाली कुर्सी की ओर इशारा करते हुए भावुकता में कहा, “यह कुर्सी अरविंद केजरीवाल की है। आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री का पदभार संभाला है, लेकिन मेरे दिल में वही दर्द है जैसा भरत जी के दिल में था। जैसे भरत जी ने भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर काम किया, वैसे ही मैं अगले चार महीने तक मुख्यमंत्री का दायित्व निभाऊंगी।”
आतिशी ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री बनेंगे। 43 साल की उम्र में आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं। उनसे पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित इस पद पर रह चुकी हैं।
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का इस्तीफा और आतिशी का मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालना दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है, जिसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।
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