Hemant Soren : सीएम बनने से पहले फिर बढ़ सकती है परेशानी…जाने क्यों ?

जेल से बाहर आने के बाद झारखंड (Jharkhand) में हेमंत सोरेन (Hemant Soren) फिर से मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बनने से पहले उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय यानी ED (Enforcement Directorate) उनकी जमानत को सुप्रीम कोर्ट (Supreem Court) में चुनौती देने की तैयारी कर रही है.

हेमंत फिर संभालेंगे झारखंड की सत्ता
Written By : संतोष कुमार | Updated on: July 4, 2024 2:44 pm

Hemant Soren  की जमानत को चुनौती देने की तैयारी

झारखंड में जमीन घोटाले और मनी लॉउंड्रिग के आरोप में 5 महीने बाद जेल से बाहर आने वाले हेमंत सोरेन को हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) से मिली जमानत को ED सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है. ऐसे में हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के मुख्यमंत्री बनने की राह में मुश्किलें हो सकती हैं.

निचली अदालत ने आरोप पत्र पर पहले ही संज्ञान लिया

ED झारखंड हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील करेगा, क्योंकि निचली अदालत ने  हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर पहले ही संज्ञान ले लिया है. वहीं 22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन के आवेदन को खारिज कर दिया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चूंकि एक ट्रायल कोर्ट ने पहले ही उनके खिलाफ आरोप पत्र पर संज्ञान ले चुकी है इसलिए नियमित जमानत नहीं दी जा सकती।

गिरफ्तारी को लेकर चुनौती देने वाली याचिका भी खारिज

अपनी गिरफ्तारी को लेकर सोरेन की चुनौती को झारखंड हाईकोर्ट ने भी 3 मई को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट की ओर से अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद उनके वकील ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के लिए अंतरिम राहत की मांग की थी.

वाट्सएप चैट से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा

हिरासत में पहले दौर की पूछताछ के बाद, ED ने रांची की एक विशेष अदालत के समक्ष दावा किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित अन्य आरोपियों के साथ उनकी ओर से वाट्सएप चैट किया गया था. लेकिन उन्होंने सहयोग करने से इनकार कर दिया था. एजेंसी ने तब दावा किया था कि हेमंत सोरेन के सहयोगी बिनोद सिंह के साथ वाट्सएप चैट से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं.

31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. झारखंड हाईकोर्ट से 28 जून को हेमंत सोरेन को जमानत मिली थी. जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें बिरसा मुंडा जेल से रिहा कर दिया गया. झारखंड हाई कोर्ट की एकल पीठ ने ईडी की दलीलों और सबूतों को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पूर्व सीएम भूमि हड़पने के मामले में सीधे तौर पर शामिल थे.

चंपई का इस्तीफा, हेमंत ने पेश किया दावा

बुधवार को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.वहीं कल शाम ही हेमंत सोरेन की ओर से नई सरकार बनाने का दावा पेश किया गया. हेमंत सोरेन की ओर से 44 विधायकों के समर्थन का पत्र भी राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को सौंपा गया है. शाम को शपथ ग्रहण भी हो सकता है। इस बीच यह खबर यह भी है कि ED हेमंत सोरेन की जमानत को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा सकती है.

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