सोनम वांगचुक को 21 दिन के अनशन के बाद पुलिस ने तड़के जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया

लद्दाख के प्रख्यात इंजीनियर, पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से हटाकर वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अधिक समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। पुलिस का कहना है कि उनकी लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया, जबकि समर्थकों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। घटना के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया।

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदर जंग अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी
Written By : Ramnath Rajesh | Updated on: July 18, 2026 11:05 pm

दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के पूर्व-नियोजित अभियान के तहत अनशन स्थल  जंतर-मंतर पर कार्रवाई की। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, जिनमें कई सादे कपड़ों में थे। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बड़े सफेद कपड़ों (चादरों) की ओट बनाकर सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से बाहर निकाला और एंबुलेंस तक पहुंचाया। पूरी कार्रवाई कुछ ही मिनटों में पूरी कर ली गई, जिसके बाद उन्हें सीधे सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, वांगचुक को शनिवार सुबह 7:40 बजे भर्ती किया गया। अस्पताल ने बताया कि लंबे उपवास के कारण उनके शरीर में पानी की कमी और अत्यधिक कमजोरी की स्थिति है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। इससे पहले राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के चिकित्सकों ने भी उनकी स्वास्थ्य जांच कर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी थी।

28 जून से भूख हड़ताल पर थे

वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। उनका समर्थन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाए जा रहे उस आंदोलन को था, जिसमें कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की जा रही है। लंबे उपवास के दौरान उनका वजन लगातार घटा और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई थी।

हाईकोर्ट के निर्देश का हवाला

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया था कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी की जाए और यदि उनके जीवन पर खतरा उत्पन्न हो तो आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए। पुलिस का कहना है कि अस्पताल ले जाने की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप की गई। दूसरी ओर, समर्थकों का आरोप है कि उन्हें बिना सहमति के प्रदर्शन स्थल से हटाया गया और शांतिपूर्ण आंदोलन को समाप्त करने की कोशिश की गई।

कौन हैं सोनम वांगचुक

59 वर्षीय सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) की स्थापना की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ‘ऑपरेशन न्यू होप’ अभियान शुरू किया। हिमालयी क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए विकसित उनकी ‘आइस स्तूप’ तकनीक को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें 2018 का रैमोन मैग्सेसे पुरस्कार प्रदान किया गया। आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘3 इडियट्स’ के चर्चित किरदार ‘फुंसुख वांगडू’ की प्रेरणा के रूप में भी उनका नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है, हालांकि वांगचुक स्वयं कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि फिल्म का यह किरदार पूरी तरह उन पर आधारित नहीं है।

कार्रवाई पर सियासी घमासान

वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया। वहीं पुलिस और सरकार का कहना है कि यह कदम केवल उनकी जान बचाने और चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया। ऐसे में यह मामला अब स्वास्थ्य, कानून और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार—तीनों पहलुओं को लेकर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

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