JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है, जिसके कारण आंदोलन को और आक्रामक करने का फैसला लिया गया है।
रविवार को आंदोलनकारियों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के पुतले जलाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का हिस्सा बन गई है। छात्रों ने कहा है कि अब सरकार को सीधे जवाब देना होगा।
20 अगस्त को बड़ा शक्ति प्रदर्शन
छात्र नेताओं ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यदि तब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन और तीखा हो गया है। इस मामले में बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
बिहार में 18 अगस्त से अनशन
झारखंड के बाद अब बिहार में भी छात्र आंदोलन की जमीन तैयार होती दिखाई दे रही है। TRE-4 शिक्षक भर्ती में देरी और अब तक विज्ञापन जारी नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग में आमरण अनशन शुरू करने का फैसला किया है। छात्रों का कहना है कि BPSC के नए परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 के पदों का उल्लेख तो है, लेकिन विज्ञापन और परीक्षा की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
आंदोलन में केवल TRE-4 अभ्यर्थियों के ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के भी शामिल होने की संभावना है। आंदोलनकारियों ने आगे विधानसभा घेराव की भी चेतावनी दी है।
पेपर लीक का मुद्दा भी आंदोलन के केंद्र में
बिहार में छात्र असंतोष केवल TRE-4 तक सीमित नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में देरी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी माह अलग-अलग छात्र संगठनों ने पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर राज्यव्यापी कार्यक्रमों की घोषणा की है।
इसी बीच विपक्ष ने भी छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन का रूप देना शुरू कर दिया है। 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया गया है। इससे पटना में 18 और 19 अगस्त को लगातार दो दिनों तक छात्र और राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने के आसार हैं।
दो राज्यों में एक जैसा सवाल
झारखंड और बिहार के आंदोलनों के मुद्दे अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों के केंद्र में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं की विश्वसनीयता और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का असंतोष है। झारखंड में आंदोलन पहले ही सड़क से सत्ता के केंद्र तक पहुंच चुका है, जबकि बिहार में 18 अगस्त से शुरू होने वाला आंदोलन यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में पटना भी छात्र शक्ति के बड़े प्रदर्शन का केंद्र बन सकता है।
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