सीबीएसई (CBSE) से जारी आंकड़ों के अनुसार पढ़ाई में लड़कियों की सफलता की दर लड़कों से अधिक है। 10 वीं की परीक्षा के परिणाम के अनुसार 95 फीसद लड़कियां पास की हैं जबकि परीक्षा में सफल लड़कों का प्रतिशत 92.63 है। इस तरह लड़कों की तुलना में लड़कियों की सफलता की दर 2.37 फीसद अधिक है।
10 वीं और 12वीं कक्षा के परिणा पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहे हैं। इस वर्ष 93.66 फीसद छात्र उतीर्ण हुए है जबकि पिछले वर्ष ये संख्या 93.60 फीसद ही थी। पिछले वर्ष यानी वर्ष 2024 में 12 वीं की परीक्षा में 87.98 प्रतिशत ही सफल हुए थे जबकि इस वर्ष ये आंकड़ा 88.39 प्रतिशत पहुंच गया है।
आंकड़ों के अनुसार 10 वीं की परीक्षा के लिए कुल 23,85,079 ने पंजीकरण कराया था जिनमें 23,71,939 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी और 22,21,636 इस परीक्षा में पास हुए। वहीं 12 वीं की परीक्षा के लिए 17,04,367 छात्रों ने पंजीकरण कराया, इनमें से 16,92,794 ने परीक्षा दी और 14,96,307 सफल रहे।
इस वर्ष देश भर के 26 हजार 675 स्कूलों के छात्रों देश भर में 7 हजार 837 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दी थी। जबकि पिछले वर्ष 2024 में 25224 स्कूलों के छात्रों के लिए 7603 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
10 वीं और 12 वीं के 2.7 लाख छात्र-छात्राओं को कंपार्टमेंट आया है , यानी जिन्हें पूरक परीक्षा देनी होगी। इनमें 10वीं के 1.41 लाख से अधिक हैं। सभी छात्र-छात्रओं के पास रीचेकिंग और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने का विकल्प खुला है। इस प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी और अंतिम तिथि आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।
सीबीएसई ने छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने से बचने के लिए आधिकारिक तौर पर टॉपर्स की सूची नहीं जारी की है लेकिन उत्तर प्रदेश की छात्रा सावी जैन जो स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल, शामली की है उसे टॉपर बताया जा रहा है। उसने 500 में 499 अंक मिले हैं।
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