बिहार में 15 लाख से ज्यादा लोगों को मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ

भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना जनहित की संसार में सबसे बड़ी योजना है, जिसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद पूरे विश्व में ऊंचा किया है। इस योजना के अंतर्गत केवल बिहार राज्य में पंद्रह लाख से अधिक लाभार्थियों को दो हज़ार चौरासी करोड़ रुपये से अधिक का उपचार-लाभ दिया गया है।

बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन में वरिष्ठ हिंदी सेवी
Written By : सुनिल वर्मा | Updated on: December 8, 2024 11:51 pm

आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी योजना 

आयुष्मान भारत योजना से बिहार के नागरिकों को अपने स्वास्थ्य पर होने वाले इतने बड़े व्यय से बचाया गया है। यह राशि उनके लिए उनके उपचार पर नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की सरकार ने व्यय किया है। यह योजना ग़रीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए संचालित है। किंतु सत्तर वर्ष की आयु पार कर चुके भारतीय नागरिकों के लिए ‘वय-वंदना आयुष्मान योजना’ सबके लिए है, जिसके अंतर्गत पाँच लाख रूपए तक के उपचार हेतु राशि सरकार दे रही है।

तीन पुस्तकों का हुआ लोकार्पण 

यह बातें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने, एजुकेशनल रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट संस्थान, पटना के तत्त्वावधान में, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित कृतज्ञता-ज्ञापन तथा सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होंने डा पूनम आनन्द की तीन पुस्तकों “सूरज मुखी”, “चुनमुनिया” तथा “कहावत के बतरस” का लोकार्पण तथा प्रदेश के  वरीय हिन्दी-सेवियों को सम्मानित भी किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए, समेलन के आध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि लोकहित के मूल्यवान कार्यों के लिए कर्त्ता के प्रति समाज के मन में कृतज्ञता का भाव होना ही चाहिए। इसलिए आयोजक संस्था ने प्रधानमंत्री के प्रति धन्यवाद-गोष्ठी का आयोजन कर उचित ही किया है। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित हुए विद्वानों और विदुषियों को बधाई दी तथा लोकार्पित पुस्तकों की लेखिका डॉ पूनम आनंद को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि पूनम जी की लेखनी इसी प्रकार निर्बाध चलती रहे।

इंडियन मेडिकल ऐसोशिएशन के पूर्व अध्यक्ष डा सहजानन्द सिंह, सुप्रसिद्ध समाचार विश्लेषक डॉ संजय कुमार, आयोजन समिति के स्वागताध्यक्ष डॉ विनोद शर्मा तथा जनार्दन शर्मा योगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

 35 वरिष्ठ हिन्दी-सेवियों को ‘साहित्य गौरव सम्मान’

इस अवसर पर वरिष्ठ कवि मृत्युंजय मिश्र ‘करुणेश’, भगवती प्रसाद द्विवेदी, किरण सिंह, डॉ कल्याणी कुसुम सिंह, आरपी घायल तथा रमेश कँवल समेत बिहार के 35 वरिष्ठ हिन्दी-सेवियों को ‘साहित्य गौरव सम्मान’ से विभूषित किया गया। सम्मानित होने वाले अन्य हिन्दी-सेवियों में,मधुरेश नारायण, डॉ मेहता नगेंद्र सिंह, बाँके बिहारी साव, कुमार अनुपम, ई अशोक कुमार, डॉ रमाकान्त पाण्डेय, सदानन्द प्रसाद, पं गणेश झा,चितरंजन लाल भारती, कमल किशोर वर्मा ‘कमल’, डॉ आर प्रवेश, डॉ मीना कुमारी परिहार, डॉ पूनम आनंद, डॉ पुष्पा जमुआर, डॉ पूनम देवा,विभा रानी श्रीवास्तव, अनीता मिश्रा सिद्धि, डॉ प्रतिभा रानी, यशोदा शर्मा , डॉ ऋचा वर्मा, सुजाता मिश्रा, उत्तरा सिंह ,डॉ विद्या चौधरी, अम्बरीष कान्त, ई आनन्द किशोर मिश्र, कृष्ण रंजन सिंह, प्रो सुशील कुमार झा, बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता तथा चंदा मिश्र के नाम सम्मिलित हैं। इनके अतिरिक्त भानु प्रताप सिंह, संगीता सिंह, सुनील कुमार सिन्हा, अशोक कुमार पाठक आदि वरिष्ठ नागरिकों को भी सम्मानित किया गया। मंच का संचालन कृष्णा शगुन ने किया ।

यह भी पढ़ें:- पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट गुजरात कोर्ट से बरी, जानें क्या था मामला

2 thoughts on “बिहार में 15 लाख से ज्यादा लोगों को मिला आयुष्मान भारत योजना का लाभ

  1. Backbiome is an advanced daily wellness supplement formulated to help support spinal comfort, reduce feelings of built-up tension, and promote freer, smoother movement throughout backbiome everyday life.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *